Friday, 4 September 2015

Short Cut for Work InterNet Browser



हर इंटरनेट ब्राउजर के अपने अलग शॉर्टकट्स होते हैं। कई बार अलग-अलग ब्राउजर इस्तेमाल करने के कारण शॉर्टकट्स में यूजर्स का कन्फ्यूज होना आम बात है। इंटरनेट ब्राउजर्स में कुछ ऐसे शॉर्टकट्स भी होते हैं जो लगभग सभी ब्राउजर्स पर काम करते हैं। चाहें आप इंटरनेट एक्सप्लोरर पर काम कर रहे हैं, क्रोम पर या मोजिला फायरफॉक्स पर इन शॉर्टकट्स का इस्तेमाल किया जा सकता है।
1. Ctrl+1(1 से 8 तक सभी नंबर काम करते हैं)

 इस शॉर्टकट की मदद से आप ब्राउजर में खुले टैब्स के बीच शफल कर सकते हैं। ctrl के साथ जो भी नंबर दबाया जाएगा उस नंबर का टैब खुल जाएगा।

2. Ctrl+9 : किसी भी ब्राउजर में खुले आखिरी टैब पर जाने के लिए।

3. Ctrl+Tab : जिस टैब पर आप हैं उससे अगले पर जाने के लिए इसके अलावा, Ctrl+Page Up का भी इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन ये शॉर्टकट इंटरनेट एक्सप्लोरर पर काम नहीं करेगा।

4. Ctrl+Shift+Tab : जिस टैब पर आप हैं उसके पहले वाले टैब पर जाने के लिए।

5. Ctrl+W या Ctrl+F4 : सभी टैब्स को बंद करने के लिए।
6. Ctrl+Shift+T : गलती से बंद किए गए आखिरी टैब को दोबारा खोलने के लिए।

7. Ctrl+T : नए टैब को खोलने के लिए।

8. Ctrl+N : नई ब्राउजर विंडो खोलने के लिए।

9. Alt+F4 : ब्राउजर को बंद करने के लिए।

10. Middle Click a Tab (किसी भी टैब के ऊपर जाकर माउस से मिडिल क्लिक करना) - टैब को बंद करने के लिए।

11. Ctrl+Left Click, Middle Click - बैकग्राउंड में मौजूद किसी भी लिंक को दूसरे टैब में खोलने के लिए।

12. Shift+Left Click- किसी भी लिंक को दूसरी ब्राउजर विंडो में खोलने के लिए।

13. Ctrl+Shift+Left Click –किसी भी लिंक को पहले टैब में खोलने के लिए।
14. Alt+space (स्पेस बटन) - मेन मेनु खोलने के लिए।

15. Alt+Right Arrow, Shift+Backspace – ऑनलाइन वीडियो को फॉरवर्ड करने के लिए।

16. F5 – पेज रीलोड करने के लिए।

17. Esc- बंद करने के लिए।

18. Alt+Home – ब्राउजर का होम पेज लोड करने के लिए।
19. Ctrl और + : जूम इन (पेज के कंटेंट को जूम करना)

20. Ctrl और - : जूम आउट

21. Ctrl+0 – पेज को डिफॉल्ट जूम पर सेट करने के लिए।

22. F11 – फुल स्क्रीन मोड पर ले जाने के लिए।
23. स्पेसबार या पेज डाउन बटन (Space, Page Down) - वेबपेज को स्क्रॉल डाउन करने के लिए (पेज पर नीचे की ओर जाने के लिए)

24. Shift+Space, Page Up – वेबपेज को स्क्रॉल अप करने के लिए (पेज पर ऊपर की ओर जाने के लिए)

25. होम (Home)- वेबपेज पर सबसे ऊपर जाने के लिए।

26. एंड (End)- वेबपेज पर सबसे नीचे जाने के लिए।

27. मिडिल क्लिक (माउस से वेबपेज पर मिडिल क्लिक करना)- माउस के मूवमेंट पर वेबपेज की स्क्रॉलिंग सेट करना।
28. Ctrl+L, Alt+D, F6 – एड्रेस बार पर फोकस करना ताकी उसपर टाइप किया जा सके।

29. Ctrl+Enter – एड्रेस बार पर कोई भी शब्द टाइप करने के बाद अगर Ctrl+Enter दबाया जाए तो ब्राउजर पर अपने आप उस शब्द के सामने www. और अंत में .com लग जाएगा।

30. Alt+Enter – एड्रेस बार में टाइप किए गए लिंक को दूसरे टैब में खोलना
31. Ctrl+F, F3 – वेबपेज पर सर्च बॉक्स खोलने के लिए।

32. Ctrl+G, F3 – वेबपेज पर अगला मैच करने वाला टेक्स्ट आइटम ढूंढने के लिए।

33. Ctrl+Shift+G, Shift+F3 – वेबपेज पर पिछला मैच करने वाला टेक्स्ट आइटम ढूंढने के लिए।
34. Ctrl+H – ब्राउजिंग हिस्ट्री खोलने के लिए।

35. Ctrl+J – डाउनलोड हिस्ट्री खोलने के लिए।

36. Ctrl+D – जिस बेवसाइट को खोला हुआ है उसे बुकमार्क करने के लिए।

37. Ctrl+Shift+Del – ब्राउजिंग हिस्ट्री डिलीट करने वाली विंडो को खोलने के लिए।

38. Ctrl+P – खुले हुए वेबपेज का प्रिंट आउट लेने के लिए।

39. Ctrl+S – खुले हुए वेबपेज को कम्प्यूटर में सेव करने के लिए।

40. Ctrl+O – अपने कम्प्यूटर में सेव की हुई कोई भी फाइल खोलने के लिए।

41. Ctrl+U – किसी भी वेबपेज का सोर्स कोड खोलने के लिए (ये शॉर्टकट इंटरनेट एक्सप्लोरर पर काम नहीं करता है। )


Diffrence Between 2G,3G,4G



फोन पर नेटवर्क की बात होते ही आजकल 2G, 3G, और 4G की बात होने लगती है. फोन के सिग्नल को रिसीव करने वाले मोबाइल सेटों में भी मॉडल को इससे जाना जाने लगा है. कभी जीएसएम, सीडीएमए सिग्नल वाले मोबाइल फोन ही लोगों को समझ में आते थे. जीएसएम सिग्नलों वाले मोबाइल की बहार होती थी. सीडीएमए सेट भी लोगों की पसंद बनें. सीडीएमए तकनीक में आपका फोन ही वायरलेस डेटा या सिग्नल का रिसीवर होता है. बाकी फोन्स में इसके लिए सिम की जरूरत पड़ती है पहले समझ लेते हैं कि पहले इनके पूरे अर्थ क्या हैं जीएसएम: ग्लोबल स्टैंडर्ड फॉर मोबाइल्स (ये एक तकनीक है). सीडीएमए: कोड डिविजन मल्टीपल एक्सेस (ये भी एक तकनीक है).  जीएसएम सेवा ही बाद में 2G के तौर पर विकसित हुई. जिसमें जीपीआरएस और एज सर्विस (EDGE) के जरिए पैकेट डेटा की सुविधा मिलने लगी. जिससे आप किसी भी मोबाइल पर मेल और इंटरनेट का इस्तेमाल करते थे. 2G, 3G और 4G सेवा का मतलब है कि आपके फोन पर बातचीत और एसएमएस के अलावा डेटा संबंधित सारी सुविधाओं के लिए डेटा रिसीव करने की तकनीक. G का अर्थ है जेनेरेशन. इसलिए 2जी का ज्यादा विकसित रूप 3जी और इससे ज्यादा उन्नत 4जी. फोन पर बातचीत की सुविधा के लिए सिग्नल या फ्रीक्वेंसी इस्तेमाल के शुरूआती समय में पीटीटी(पुश टू टॉक) या एमटीएस(मोबाइल टेलीफोन सिस्टम) तकनीक का इस्तेमाल होता था. जब तक एनालॉग सिग्नल पर फोन चलता रहा, तब तक इसे 1G तकनीक के नाम से भी जाना गया. 1G और 2G का मुख्य अंतर था मोबाइल संचार का एनालॉग से डिजीटल होना. 1G तकनीक में गति की सीमा 28 किलोबिट/सेकेंड से 56 किलोबिट/सेकेंड थी. जापान की एनटीटी कंपनी ने 1G को पहली बार व्यावसायिक तौर पर 1979 में लॉन्च किया. 2G यानि सेकेंड जेनेरेशन वायरलेस टेलीफोन टेक्नोलॉजी में खासियत थी कि इसी से मोबाइल में डेटा सर्विस की शुरूआत हुई. सबसे बड़ा बदलाव था 2G सेवा से ही एसएमएस (SMS) सेवा की शुरूआत. 2जी में डेटा डिजिटल इन्क्रिप्शन शुरू होने से टेक्स्ट मैसेज भेजा जाना संभव हुआ. जो बाद में फोटो मैसेज और एमएमएस(MMS) भेजने तक पहुंचा. 3जी सेवा में डेटा की सेवा को 200 किलोबिट/ सेकेंड तक जा पहुंची. इस मोबाइल संचार सेवा से जरिए किसी भी फोन पर इंटरनेट एक्सेस ज्यादा तेज, वीडियो कॉलिंग, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और मोबाइल टीवी सुविधा मिलने लगी. जापान में ही एनटीटी और डोकोमो ने 3जी को पहली बार लॉन्च किया था. 4G मोबाइल सेवा में मोबाइल वेब एक्सेस, ऑनलाइन गेम खेलने के लिए उन्नत डेटा रिसीविंग, एचडी टीवी, और क्लाउड कम्प्यूटिंग जैसी सुविधाएं मिलने लगेंगी: 4जी की शुरूआत 2006 में दक्षिण कोरिया के मोबाइल वाइमैक्स स्टैंडर्ड से हुई. इसके बाद 2009 में ओस्लो, नार्वे, स्टॉकहोम और स्वीडन में लॉन्ग टर्म एवोल्यूशन(एलटीई) जारी किया गया. 4 जी सेवा के मानकों के अनुसार इसमें डेटा फ्लो 100 मेगाबिट पर सेकेंड होना चाहिए. भारत में जल्द ही 4G सेवा बड़े तौर पर शुरु होने वाली है